निवेश / क्रिकेट से सीखें फाइनेंशियल प्लानिंग के छह आसान गुर
हाल में हुए क्रिकेट वर्ल्ड कप के मैचों के रोमांच को देखने के लिए इंग्लैंड और वेल्स के स्टेडियमों में हजारों प्रशंसक उमड़े। लाखों दर्शकों ने टीवी पर इसका आनंद लिया। क्रिकेट ऐसा खेल है जिसके छह तरीके फाइनेंशियल प्लानिंग में अपनाकर आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
- सही टीम का चयन लंबी अवधि में लगातार सफलता के लिए सभी 11 खिलाड़ियों का बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी होता है। यदि आप 1980 दशक के उत्तरार्ध या 1990 दशक के उत्तरार्ध में क्रमश: वेस्ट इंडीज और ऑस्ट्रेलिया की टीमों का प्रदर्शन देखें तो हर खिलाड़ी का योगदान अलग नजर आता है। इसी तरह, वित्तीय लक्ष्यों को पाने के लिए आपके पोर्टफोलियो में सही एसेट एलोकेशन को होना जरूरी है। इक्विटी, डेट, रियल एस्टेट, गोल्ड समेत अन्य एसेट क्लास में उचित निवेश लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न दिला सकता है।
- सही रणनीति बनाना क्रिकेट में खेल की सही रणनीति बनाना भी जरूरी है। इसमें विपक्षी टीम का विश्लेषण कर पिच और परिस्थितियों के मुताबिक मैच की तैयारी करनी होती है। इसके अनुसार हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका निभानी होती है। इसी तरह, सही रणनीति बनाकर उसके मुताबिक निवेश करना भी जरूरी है।
- बड़े लक्ष्य के लिए आक्रामक शुरुआत बड़े लक्ष्य को पाने के लिए टीम को आक्रामक शुरुआत करनी होती है। यदि रन रेट नहीं बढ़ता है तो टीम दबाव में आकर लक्ष्य से चूक सकती है। इसी तरह, यदि आपको रिटायरमेंट के लिए मोटी रकम जमा करनी हो तो आक्रामक शुरुआत करनी होगी। थोड़ा भी जोखिम लेना होगा और इक्विटी में निवेश करना होगा क्योंकि शेयरों में लंबी अवधि में महंगाई को मात देने की क्षमता होती है।
- परिस्थिति के मुताबिक खेलना जब पारी की शुरुआत में कुछ विकेट गिर जाएं तो बल्लेबाज का पिच पर धैर्य के साथ टिके रहना जरूरी हो जाता है। ऐसे में चौके-छक्कों के बजाए एक-दो रन लेना बेहतर होता है। इसी तरह, पर्सनल फाइनेंस में भी आपको परिस्थिति के मुताबिक कदम उठाना चाहिए। यदि आप बैंक बचत खाते का विकल्प तलाश रहे हों तो लिक्विड फंड्स चुन सकते हैं।
- हर खिलाड़ी का अपना महत्व किसी खिलाड़ी के चोटिल होने या प्रदर्शन बेहतर न रहने पर टीम में उसकी जगह किसी अन्य योग्य खिलाड़ी को लाना पड़ता है। इसी तरह, यदि किसी एसेट क्लास का प्रदर्शन अच्छा न हो तो उसकी जगह किसी अन्य बेहतर एसेट क्लास में निवेश करना चाहिए।
- लक्ष्य करीब हो तब जोखिम से बचें इस परिस्थिति में जोखिम लेना दोनों टीम के लिए हार की वजह बन सकता है। जब रिटायरमेंट का कॉर्पस लक्ष्य प्राप्ति के करीब हो, उस समय इक्विटी से निवेश घटाकर डेट में बढ़ाना चाहिए। इससे आप रिटायरमेंट कॉर्पस को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचा सकते हैं।
- email address www.russellscott@vivek.com

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